सनातन · तर्क · शास्त्र
वेद, पुराण, महाभारत और रामायण में जो लिखा है, उसके पीछे का कारण क्या है? कौन सी परंपरा किस समय, किस ज़रूरत से बनी — और आज उसका क्या अर्थ बचता है?
यहाँ कोई रूढ़ि नहीं, कोई डर नहीं। सिर्फ़ शास्त्र, तर्क और सरल हिंदी।
काल चक्र
पुराणों के अनुसार एक महायुग 43,20,000 वर्ष का होता है, और चारों युग 4 : 3 : 2 : 1 के अनुपात में घटते जाते हैं। नीचे का चक्र उसी अनुपात में बना है — यह कोई कल्पना नहीं, शास्त्र में दी गई संख्या है।
यहाँ क्या मिलेगा
न भविष्यवाणी, न डर, न कोई चमत्कार का दावा।
हर प्रसंग के पीछे का कारण — क्यों कहा गया, किस संदर्भ में कहा गया, और उसका आधार कहाँ है। कहानी नहीं, तर्क।
महाभारत, रामायण और पुराणों के वो हिस्से जिन पर आमतौर पर बात नहीं होती — और जिन्हें जानकर समझ बदल जाती है।
कोई रीति किस समय, किस ज़रूरत से बनी, और समय के साथ उसमें क्या बदला। रूढ़ि और धर्म का फ़र्क़।
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